मीरगंज, बरेली: सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आज़म खान की रिहाई के बाद जब उनका काफिला सीतापुर जेल से रामपुर लौट रहा था, तो मीरगंज क्षेत्र के हाईवे-24 स्थित सिंधौली चौराहा पर आयोजित स्वागत समारोह के दौरान भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लेकिन इसी भीड़ की आड़ में पॉकेटमारों ने ऐसी करतूत की, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
स्वागत कार्यक्रम की कवरेज कर रहे चार पत्रकारों की जेबें भीड़ में साफ हो गईं। पत्रकार आदर्श दिवाकर की जेब से लगभग 8,000 रुपये, कर्णपाल गंगवार की जेब से 3,000 रुपये, पत्रकार सनी गोस्वामी की जेब से 250 रुपये और स्थानीय निवासी की जेब से 1,000 रुपये नकदी के साथ एटीएम, पैन कार्ड और कई अहम दस्तावेज चोरी हो गए।
पत्रकारों ने बताया कि जब आज़म खान का काफिला गुजर गया और उन्होंने अपनी जेबें टटोलीं, तो सब कुछ गायब मिला। हैरानी की बात यह है कि मौके पर मीरगंज कोतवाली पुलिस और भारी पुलिस बल मौजूद था, इसके बावजूद पॉकेटमारों ने घटना को अंजाम देकर आसानी से फरार हो गए।
इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है और अब यह सवाल उठ रहा है कि जब पत्रकार ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता का क्या हाल होगा?
पीड़ित पत्रकारों ने मीरगंज कोतवाली प्रभारी प्रयागराज सिंह को लिखित शिकायत देकर आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस पर कोतवाली प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि घटना की जांच के लिए पुलिस टीम को लगा दिया गया है और जल्द ही आरोपियों का पर्दाफाश किया जाएगा।
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