अटकलें हुईं खत्म नसीम अहमद हाथी की सवारी छोड़ हुए साईकिल पर सवार
बहेड़ी। बता दें कि वनविभाग की नौकरी छोड़कर और जनता की सेवा के इरादे से सन् 2017 के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाजपार्टी के बैनर तले मैदान में कूद कर दूसरे नंबर पर रहे पालिकाध्यक्ष पति नसीम अहमद सारी अटकलों पर विराम लगाते हुई मंगलवार को समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। लखनऊ में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी तथा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी की ओर से उन्हें साईकिल निशान वाला स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। सदस्यता ग्रहण करने के दौरान नसीम अहमद के साथ पुराने समाजवादी नेता व वार्ड 18 के सभासद ताहिर पप्पू के अलावा कुछ अन्य सहयोगी भी उनके साथ मौजूद रहे। बताया जाता है कि पत्नी को नगरपालिका अध्यक्ष पद पर जीत हासिल करा देने के बाद से ही नसीम अहमद समाजवादी पार्टी में अपनी ज्वाइनिंग के लिए सक्रिय हो गए थे। नगर में आए दिन यह चर्चा वायरल होती थी कि जल्द ही वे कोई बड़ा धमाका करने वाले हैं।
उधर, पूर्व विधायक अताउररहमान के अलावा नसीम अहमद के भी समाजवादी हो जाने पर लोगों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कुछ लोग पार्टी के लिए दोनों नेताओं के बीच शक्ति परीक्षण की सोच मान रहे हैं तो अन्य दूसरी तरह से व्याख्या कर रहे हैं।अब आगे जो भी हो पर चुनाव की घोषणा होने तक यह प्रश्न लोगों के दिमाग को मथता रहेगा कि आखिर पार्टी नेतृत्व दोनों में से किस पर अपना दांव आजमाएगा। फिलहाल लोगों के लिए मामला दिलचस्प रहेगा । उधर नसीम अहमद की सपा में शामिल होने पर लोग उन्हें सोशलमीडिया पर बधाई दें रहे हैं ।
आर के सक्सेना
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